लैलूंगा

लैलूंगा से सात महीने की बच्ची जा रही उमराह करने

लैलूंगा से सात महीने की बच्ची जा रही उमराह करने।

लैलूँगा/इस्लाम के 5 फर्ज़ में से एक फर्ज हज है हज एक विशेष महीने में किया जाता है जबकि उमराह साल में किसी भी महीने किया जा सकता है धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम हर मुसलमान को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार इस फर्ज़ को निभाने का दायित्व है इस्लाम धर्म की मान्यताओं के मुताबिक पैगंबर इब्राहिम को अल्लाह ने एक तीर्थ स्थल बनाकर समर्पित करने को कहा था मुसलमानो का ऐसा मानना है की इस्लाम के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद को अल्लाह ने कहा कि वो काबा को पहले जैसी स्थिति में लाए एवम वहां केवल अल्लाह की इबादत हो हर एक मुसलमान की इच्छा होती है की वो अपनी जिंदगी रहते वहां एक बार जरूर जाए। बोला जाता है की जिसके नसीब में होता है वही वहां जा पाता है । 23 अप्रैल को आयजा फिरदौस अपने माता पिता के साथ लैलूंगा से सऊदी अरब के लिए रवाना होंगी अल्लाह उनकी इच्छाओं और सपनो को साकार करे