लैलूंगा

मंच छोड़ मैदान में उतरे दीपक सिदार! गोवर्धन पूजा में राउत नाचा संग थिरके, लाठी की कला देख झूम उठा लैलूंगा

मंच छोड़ मैदान में उतरे दीपक सिदार! गोवर्धन पूजा में राउत नाचा संग थिरके, लाठी की कला देख झूम उठा लैलूंगा

लैलूंगा।
गोवर्धन पूजा महोत्सव में इस बार कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने पूरे मैदान में तालियों की गूंज भर दी। कार्यक्रम में मौजूद तेजतर्रार नेता एवं जिला उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने मंच पर बैठकर भाषण देने के बजाय सीधा जनता के बीच उतरने का फैसला लिया। जैसे ही मंच से उतरकर वे राउत नाचा के कलाकारों के बीच पहुंचे, भीड़ ने जयघोष कर दिया — “दीपक भइया जिंदाबाद!”

दीपक सिदार ने परंपरागत राउत नाचा की ताल पर थिरकते हुए लाठी चलाने की अद्भुत कला भी दिखाई। उनकी फुर्ती और जोश देखकर मंच पर बैठे अतिथि भी तालियाँ बजाने लगे। दर्शक दीर्घा में मौजूद बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी उनकी ओर फूल-मालाएं लेकर दौड़ पड़े। पूरे कार्यक्रम स्थल पर दीपक सिदार के नाम के नारे गूंज उठे।

स्थानीय लोगों का कहना था कि “ऐसा नेता बहुत कम देखने को मिलता है जो जनता के बीच उतरकर अपनी संस्कृति के साथ जुड़ता हो।” गोवर्धन पूजा का यह पल न सिर्फ यादगार बन गया, बल्कि यह भी साबित कर गया कि लैलूंगा की माटी में संस्कृति और राजनीति दोनों का संगम अब भी जिंदा है।

कार्यक्रम के समापन पर दीपक सिदार ने सभी राउत नाचा दल को सम्मानित करते हुए कहा —
“हमारी परंपरा हमारी पहचान है, इसे जिंदा रखना ही असली पूजा है।”

लैलूंगा में इस बार गोवर्धन पूजा नहीं, संस्कृति और जनभावना का संगम देखने को मिला!