लैलूंगा

नव पदस्थ थाना प्रभारी रोहित बंजारे से प्रेस क्लब लैलूंगा की सौजन्य मुलाकात: क्षेत्र की कानून व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा पर हुई सार्थक चर्चा

नव पदस्थ थाना प्रभारी रोहित बंजारे से प्रेस क्लब लैलूंगा की सौजन्य मुलाकात: क्षेत्र की कानून व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा पर हुई सार्थक चर्चा

लैलूंगा, / प्रेस क्लब लैलूंगा के पत्रकारों ने आज लैलूंगा थाना प्रभारी रोहित बंजारे से सौजन्य मुलाकात की। यह बैठक लैलूंगा विश्रामगृह परिसर में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र की कानून व्यवस्था, पत्रकारों की सुरक्षा और सामाजिक समरसता को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

प्रेस क्लब अध्यक्ष चंद्रशेखर जायसवाल के नेतृत्व में पहुंचे पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी का स्वागत करते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की। बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि क्षेत्र में हाल ही में कुछ पत्रकारों को धमकियां मिली हैं और उनके विरुद्ध झूठे आवेदन देकर बदनाम करने की साजिशें रची जा रही हैं। इन घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए सभी पत्रकारों ने थाना प्रभारी से निष्पक्ष जांच एवं उचित कानूनी कार्यवाही की मांग की।

थाना प्रभारी रोहित बंजारे ने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में सभी का सहयोग जरूरी है। पत्रकार समाज की आंख-कान होते हैं, उनकी भूमिका समाज में अमूल्य है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी पत्रकार को डरने की आवश्यकता नहीं है, पुलिस प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।

मुलाकात के दौरान पत्रकारों ने लैलूंगा क्षेत्र में आए दिन हो रहे सड़क दुर्घटनाओं, ट्रैफिक व्यवस्था, नशे के कारोबार और अवैध गतिविधियों पर भी थाना प्रभारी का ध्यान आकृष्ट कराया। बंजारे ने कहा कि पुलिस इन सभी विषयों पर गंभीरता से काम कर रही है और आमजन के सहयोग से हर प्रकार के अपराध पर रोक लगाने का प्रयास जारी है।

बैठक में प्रेस क्लब पूर्व अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष ममता साहू, सचिव नीलांबर पटेल , आदित्य बाजपेयी जितेंद सिंह ठाकुर, अखिलेश चौहान सहित कई वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे। समापन में प्रेस क्लब अध्यक्ष जायसवाल ने थाना प्रभारी का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि पुलिस और मीडिया मिलकर क्षेत्र में कानून और समाज व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे।

यह सौजन्य मुलाकात न सिर्फ संवाद का एक सकारात्मक उदाहरण रही, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन और पत्रकारिता एक-दूसरे के पूरक हैं और मिलकर ही एक जिम्मेदार समाज का निर्माण संभव है।