लैलूंगा का अजेय योद्धा मनोज अग्रवाल सुख़न का जलवा, केसला में दुर्गा पूजा और भागवत कथा में दिखा अनोखा रंग

लैलूंगा का अजेय योद्धा मनोज अग्रवाल सुख़न का जलवा, केसला में दुर्गा पूजा और भागवत कथा में दिखा अनोखा रंग



लैलूंगा।
लैलूंगा के अजेय योद्धा और जनता के चहेते नेता मनोज अग्रवाल सुख़न ने अपने बीडीसी क्षेत्र केसला पहुंचकर दुर्गा पूजा के भव्य आयोजन में शिरकत कर समूचे इलाके का दिल जीत लिया। जिस अंदाज में उन्होंने ग्रामीणों के बीच आकर भागवत कथा का रसपान किया और फिर जसगीत की धुनों पर थिरकते हुए महिलाओं और बच्चों के साथ जमकर नाचे, उसने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय और उल्लास से भर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि बहुत कम नेता ऐसे होते हैं जो मंच से उतरकर सीधे जनता के बीच उतरें और उनके साथ मिलकर त्योहार की खुशियाँ साझा करें। लेकिन मनोज अग्रवाल सुख़न ने यह साबित कर दिया कि वे राजनीति से पहले एक सच्चे जनसेवक और समाज के सच्चे साथी हैं। उन्होंने न केवल भव्य दुर्गा प्रतिमा की आरती में हिस्सा लिया बल्कि कथा श्रवण कर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था भी जाहिर की।
जसगीत के दौरान जब नगाड़े और मंजीरे की धुन बजी तो सुख़न खुद को रोक नहीं पाए और बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों के साथ मिलकर नृत्य करने लगे। उनके नाचने का अंदाज देखकर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। खास बात यह रही कि ग्रामीण महिलाएं भी मंच पर चढ़कर उनके साथ झूम उठीं। बच्चों ने तो उन्हें अपना हीरो बताते हुए फूल बरसाए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मनोज अग्रवाल सुख़न का यह सरल और अपनापन भरा व्यवहार उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देता है। त्योहार की भीड़ में भी उन्होंने हर ग्रामीण से आत्मीय मुलाकात की, बच्चों का हालचाल पूछा और बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। ग्रामीणों ने उनकी इस ऊर्जा और सादगी की खुलकर सराहना की।
केसला में आयोजित यह दुर्गा पूजा और भागवत कथा लंबे समय तक याद रखी जाएगी क्योंकि इसमें एक ओर श्रद्धा और भक्ति का रंग था तो दूसरी ओर अपने ही बीच नेता का सहज और उत्साही रूप। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे ही मिलनसार और संस्कारवान जनप्रतिनिधि क्षेत्र की असली ताकत होते हैं।
कुल मिलाकर केसला की दुर्गा पूजा इस बार सुख़न के अंदाज से खास बन गई। धर्म, संस्कृति और मनोरंजन का ऐसा संगम कम ही देखने को मिलता है। इस मौके पर पूरा केसला गगनभेदी नारों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर गूंज उठा और हर किसी की जुबान पर यही था –
“लैलूंगा का योद्धा, जनता का सच्चा साथी – मनोज अग्रवाल सुख़न!”
